बदलती सड़कों के साथ बदल रही है उदयपुर शहर की रफ्तार
सुनीता#उदयपुरडायलॉग
उदयपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है, लेकिन अब यह शहर आधुनिक शहरी विकास की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। शहर की बढ़ती आबादी, यातायात का बढ़ता दबाव और बेहतर नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए आधारभूत ढांचे को नए सिरे से विकसित किया जा रहा है। सड़कें चौड़ी हो रही हैं, चौराहों का स्वरूप बदल रहा है, सर्विस लेन बन रही हैं, पार्किंग की नई व्यवस्थाएं तैयार हो रही हैं और लंबे समय से बाधा बने अतिक्रमण हटाने की दिशा में भी काम तेज़ हुआ है।
हाल ही में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन के साथ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में शहर के ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की प्रगति सामने आई, जो आने वाले समय में उदयपुर की तस्वीर और यातायात व्यवस्था दोनों को नया स्वरूप देंगे।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ठोकर चौराहे पर दिखाई देगा। लंबे समय से ट्रैफिक जाम का कारण बने इस चौराहे के विस्तार की राह अब साफ हो गई है। इसके लिए यूडीए ने वन विभाग की आवश्यक भूमि का मुआवजा देकर अधिग्रहण कर लिया है। भूमि उपलब्ध होने के बाद चौराहे को चौड़ा करने का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ेगा। इससे इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
शोभागपुरा स्थित जूडियो शोरूम के सामने भी शहर को जल्द ही एक नया आकर्षक चौराहा मिलने जा रहा है। यह केवल यातायात का केंद्र नहीं होगा, बल्कि शहर की सुंदरता में भी नया आयाम जोड़ेगा। इसकी डिजाइनिंग का कार्य आर्किटेक्ट्स को सौंपा गया है और इसे आधुनिक शहरी सौंदर्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। अनुमान है कि लगभग डेढ़ माह में यह चौराहा तैयार होकर लोगों के लिए खुल जाएगा।
उदयपुर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल यूनिवर्सिटी रोड और शोभागपुरा क्षेत्र में भी बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं। रामजी स्वीट्स के आसपास और चौराहे के निकट अवैध अतिक्रमण हटाकर सर्विस लेन विकसित की जाएगी। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा, स्थानीय यातायात को अलग मार्ग मिलेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी।
शहर के पार्किंग संकट को दूर करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास स्थित नागदा समाज के नोहरे के स्थान पर पार्किंग विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसके बदले समाज को सीसारमा क्षेत्र में वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। धार्मिक और व्यावसायिक गतिविधियों वाले इस क्षेत्र में पार्किंग बनने से सड़क किनारे खड़े वाहनों की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
नेहरू हॉस्टल के पास बन रही सर्विस लेन भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बीच में आ रहे ट्रांसफार्मर को हटाने के बाद डामरीकरण का कार्य पूरा कर सड़क को चालू किया जाएगा। इसके शुरू होने से इस क्षेत्र में यातायात अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगा।
इसी प्रकार मास्टर प्लान के तहत पुरोहितों का तालाब मार्ग पर किए गए अतिक्रमण हटाकर सड़क को उसके निर्धारित स्वरूप में विकसित करने की तैयारी है। सड़क चौड़ी होने से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा।
पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ट्राईडेंट होटल से पिछोला झील की ओर जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। इस मार्ग को मजबूत ब्लॉकों के माध्यम से विस्तारित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए आवागमन अधिक सहज और सुरक्षित हो सकेगा।
इन सभी परियोजनाओं की विशेषता केवल निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि इनके पीछे एक व्यापक शहरी दृष्टिकोण दिखाई देता है। बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, व्यवस्थित पार्किंग, आधुनिक चौराहे, सुगम सड़कें और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा आधारभूत ढांचा उदयपुर को एक अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और स्मार्ट शहर की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
पर्यटन नगरी के रूप में पहचान रखने वाला उदयपुर अब आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ अपनी नई पहचान भी गढ़ रहा है। आने वाले महीनों में जब ये परियोजनाएं धरातल पर पूरी तरह दिखाई देंगी, तब शहरवासियों को केवल बेहतर सड़कें ही नहीं, बल्कि अधिक सुगम, सुंदर और सुव्यवस्थित उदयपुर का अनुभव भी मिलेगा।



